
PM विश्वकर्मा योजना 2026 भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और बिना गारंटी ₹3 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराना है। अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो इस लेख में पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़ और सभी महत्वपूर्ण जानकारी को विस्तार से दी गई है।
PM विश्वकर्मा योजना 2026 क्या है?
यह एक केंद्रीय क्षेत्र (Central Sector) योजना है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक व्यवसाय करने वाले कारीगरों की आय बढ़ाना, उनके कौशल को उन्नत करना हैं और उन्हें आधुनिक बाजार से जोड़ना है। योजना के तहत प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, टूलकिट सहायता और मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाता है
PM विश्वकर्मा योजना के मुख्य लाभ
- ₹3 लाख तक बिना गारंटी लोन
- पहले चरण में ₹1 लाख का ऋण
- समय पर भुगतान के बाद दूसरे चरण में ₹2 लाख का ऋण
- रियायती ब्याज दर (5% प्रति वर्ष)
- ₹15,000 तक टूलकिट सहायता (ई-वाउचर)
- कौशल प्रशिक्षण
- प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड
- डिजिटल भुगतान पर प्रोत्साहन
- PM विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और ID कार्डPM विश्वकर्मा योजना 2026 क्या है?
- देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा PM विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। वर्ष 2026 में भी यह योजना जारी है और पात्र लाभार्थियों को ₹3 लाख तक का बिना गारंटी (Collateral Free) बिजनेस लोन, ₹15,000 तक टूलकिट सहायता, कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल लेन-देन प्रोत्साहन तथा मार्केटिंग सपोर्ट जैसी कई सुविधाएं दी जा रही हैं। योजना का संचालन MSME मंत्रालय द्वारा किया जाता है और इसका उद्देश्य पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
- अगर आप बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार, सुनार, मोची, राजमिस्त्री, नाई, धोबी या अन्य पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हैं तो यह योजना आपके लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकती है।
PM विश्वकर्मा योजना 2026 का उद्देश्य
PM विश्वकर्मा योजना 2026 का मुख्य उद्देश्य देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से सरकार उन्हें आधुनिक उपकरण, कौशल प्रशिक्षण, कम ब्याज पर लोन और मार्केटिंग सहायता उपलब्ध कराती है ताकि वे अपना व्यवसाय बढ़ा सकें।
PM विश्वकर्मा योजना 2026 में मिलने वाली वित्तीय सहायता
PM विश्वकर्मा योजना 2026 के तहत लाभार्थियों को पहले चरण में ₹1 लाख और दूसरे चरण में ₹2 लाख तक का लोन मिलता है। इसके अलावा ₹15,000 की टूलकिट सहायता और प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन ₹500 का स्टाइपेंड भी दिया जाता है।
: PM विश्वकर्मा योजना 2026 क्यों है खास?
अन्य सरकारी योजनाओं की तुलना में PM विश्वकर्मा योजना 2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बिना गारंटी के लोन, कम ब्याज दर, आधुनिक प्रशिक्षण और डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पात्रता
योजना का लाभ उन पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को दिया जाता है जो अपने हाथों और औजारों से काम और कार्य करते हैं। पात्र व्यवसायों में बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, मोची, सुनार, राजमिस्त्री आदि शामिल हैं। योजना में कुल 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं।
PM विश्वकर्मा योजना 2026 के लिए पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी होनी चाहिए—
समान उद्देश्य के कुछ सरकारी ऋण का हाल के वर्षों में लाभ न लिया हो (निर्धारित अपवाद लागू हो सकते हैं)।
आवेदक भारतीय नागरिक हो।
आयु कम से कम 18 वर्ष हो।
पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा हो।
स्वयं रोजगार कर रहा हो।
परिवार से केवल एक सदस्य पात्र होगा।
सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य पात्र नहीं हैं।
आवेदन की प्रक्रिया
- नजदीकी CSC केंद्र पर भी आवेदन किया जा सकता है।
- आधार सत्यापन कराएँ।
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ।
- आवेदन फॉर्म भरें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- सत्यापन के बाद योजना का लाभ दिया जाएगा।
- आवेदन जमा करें।
लोन की जानकारी
| चरण | राशि |
|---|---|
| पहला चरण | ₹1,00,000 |
| दूसरा चरण | ₹2,00,000 |
| कुल | ₹3,00,000 |
समय पर पहली किश्त का भुगतान करने पर दूसरी किश्त के लिए पात्रता बनती है। ब्याज दर रियायती है।
योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है।
- बेसिक ट्रेनिंग
- एडवांस ट्रेनिंग
- ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड
- आधुनिक तकनीक की जानकारी
योजना के उद्देश्य
- आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना।
- पारंपरिक कारीगरों को पहचान देना।
- डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना।
- रोजगार और आय बढ़ाना।
- भारतीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाना।
टूलकिट सहायता
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पात्र लाभार्थियों को ₹15,000 तक का ई-वाउचर दिया जाता है, जिससे वे कारीगर अपने व्यवसाय के लिए आधुनिक औजार खरीद सकते हैं।
आवेदन करते समय इन सब को ध्यान रखें
- मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए।
- केवल आधिकारिक पोर्टल या CSC के माध्यम से आवेदन करें।
- सभी दस्तावेज सही अपलोड करें।
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आधार और बैंक खाता सक्रिय रखें।
आवेदन प्रक्रिया
PM विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन और CSC केंद्र के माध्यम से किया जा सकता है।
Step 1
Step 2
आधार आधारित e-KYC पूरा करें।
Step 3
मोबाइल नंबर सत्यापित करें।
Step 4
अपना व्यवसाय (Trade) चुनें।
Step 5
सभी आवश्यक जानकारी भरें।
Step 6
दस्तावेज अपलोड करें।
Step 7
आवेदन सबमिट करें।
Step 8
स्थानीय सत्यापन के बाद आपका आवेदन स्वीकृत किया जाएगा।
Step 9
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लोन प्रक्रिया शुरू होगी।
आवेदन के बाद क्या होगा?
आवेदन जमा करने के बाद—
- दस्तावेज सत्यापन
- ग्राम पंचायत/ULB द्वारा जांच
- जिला स्तर पर स्वीकृति
- विश्वकर्मा प्रमाणपत्र जारी
- प्रशिक्षण
- टूलकिट सहायता
- लोन स्वीकृति
PM विश्वकर्मा आईडी कार्ड के लाभ
योजना में चयन होने के बाद लाभार्थी को
- PM Vishwakarma Certificate
- Vishwakarma ID Card
दिया जाता है जिससे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होती है।
योजना की ब्याज दर
सरकार इस योजना के तहत केवल 5% वार्षिक ब्याज पर लोन उपलब्ध कराती है।
बाकी ब्याज पर सरकार सब्सिडी देती है, जिससे लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है।
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
योजना में 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं, जैसे—
- बढ़ई
- नाव निर्माता
- लोहार
- हथौड़ा एवं औजार निर्माता
- ताला बनाने वाले
- सुनार
- कुम्हार
- मूर्तिकार
- मोची
- राजमिस्त्री
- टोकरी एवं चटाई बनाने वाले
- दर्जी
- धोबी
- नाई
- फूल माला बनाने वाले
- खिलौना निर्माता
- मछली पकड़ने के जाल बनाने वाले
- अन्य अधिसूचित पारंपरिक कारीगर
PM विश्वकर्मा योजना 2026 की मुख्य विशेषताएं
- ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन
- केवल 5% वार्षिक ब्याज दर
- ₹15,000 तक टूलकिट सहायता
- फ्री स्किल ट्रेनिंग
- प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन ₹500 स्टाइपेंड
- डिजिटल ट्रांजैक्शन पर प्रोत्साहन
- सरकारी विश्वकर्मा प्रमाणपत्र एवं आईडी कार्ड
- मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग सहायता
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PM विश्वकर्मा योजना 2026 में कितना लोन मिलता है?
कुल ₹3 लाख तक का लोन दो चरणों में मिलता है—पहले ₹1 लाख और बाद में ₹2 लाख।
क्या इस योजना में गारंटी देनी पड़ती है?
नहीं, यह कोलेटरल-फ्री (बिना गारंटी) लोन योजना है।
ब्याज कितना है?
सिर्फ 5% वार्षिक।
क्या प्रशिक्षण जरूरी है?
हाँ। पहले चरण का लोन लेने के लिए बेसिक ट्रेनिंग पूरी करना आवश्यक है।
टूलकिट के लिए कितनी सहायता मिलती है?
₹15,000 तक की टूलकिट सहायता।
आवेदन कहां करें?
योजना के आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी CSC केंद्र के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
निष्कर्ष
PM विश्वकर्मा योजना 2026 पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। इस योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को ₹3 लाख तक का कम ब्याज वाला बिना गारंटी लोन, ₹15,000 की टूलकिट सहायता, मुफ्त प्रशिक्षण, ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड, डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन और मार्केटिंग सपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलती हैं। यदि आप किसी पात्र पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हैं, तो समय पर आवेदन कर इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं।


